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मार्च, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

नेवल एक्‍युपंचर

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                       नेवल एक्‍युपंचर     एक्‍युपंचर चिकित्‍सा चीन गणराज्‍य की उपचार विधि है, इस चिकित्‍सा पद्धति में सम्‍पूर्ण शरीर पर एक्‍युपंचर पाईन्‍ट पाये जाते है , इन निर्धारित बिन्‍दूओं का चयन रोगानुसार कर चिकित्‍सक इन पाईन्‍स पर बारीक सूईया चुभा कर उपचार करते है । सम्‍पूर्ण शरीर में हजारों की सख्‍ॅया में पाये जाने वाले एक्‍युपंचर पाईन्‍स के निर्धारण में चिकित्‍सकों का काफी कठनाईयॉ होती है । नेवल एक्‍युपंचर, एक्‍युपचर चिकित्‍सा की नई खोज है, इसके आविश्‍कार का   श्रेय कास्‍मेटिक सर्जन मास्‍टर आफ चॉग के मेडिसन के प्रोफेसर योंग क्‍यू को जाता है । यह चाईना के एक्‍युपंचर फिलासफी पर आधारित है, जो टी0सी0एम0 अर्थात ट्रेडीशनल चाईनीज मेडिसन कहलाती है । जैसा कि हम सभी इस बात को अच्‍छी तरह से जानते है कि एक्‍युपंचर चिकित्‍सा में शरीर पर हजारों की संख्‍या में एक्‍युपंचर पाईन्‍ट पाये जाते है एंव रोग स्थिति के अनुसार चिकित्‍सक इन पाईन्‍ट की खोज करता है फिर उस निश्चित...

नाभी को सुन्‍दर आकार देना

                              नाभी को सुन्‍दर आकार देना                    आज के इस फैशन के दौर में जहॉ हम सभी उपगृह संस्‍कृति की वजह से सारी दुनियॉ के नये नये फैशन से जुड चुंके है । हर एक नया फैशन किसी महामारी की तरह से युवा वर्ग को अपना शिकार बना रहा है । आज महिलाओं में खॉस कर युवा महिलाओं में नाभी प्रर्दशन का फैशन तेजी से बढता जा रहा है । चूंक‍ि गहरी गोल नाभी का आकृषण इतना मनमोहक होता है कि उससे नजरे हटाने को मन ही नही करता । आज से नही बल्‍की सदियों से महिलाओं की गहरी गोल नाभी आकृषण का केन्‍द्र रही है परन्‍तु   हर महिला की नाभी सुन्‍दर गहरी नही होती ,कुछ महिलाओं की नाभी तो इतनी खराब किसी धॉव के जख्‍म की तरह से होती है कि देखते ही धिन आती है , इसी प्रकार से कुछ महिलाओं की नाभी डण्‍टल की तरह से निकली हुई होती है ,वही कुछ महिलाओं की नाभी सकरी कम गहरी होती है । इस प्रकार की नाभी देखने में खराब तो दिखती है बल्‍की सुन्‍दर से सुन्‍दर...

सौन्‍र्द्धर्य समस्‍याओं के निदान में इलैक्‍ट्रो होम्‍योपैथिक

सौन्‍र्द्धर्य समस्‍याओं के निदान में इलैक्‍ट्रो होम्‍योपैथिक     सौन्‍र्द्धर्य समस्‍याओं के निदान में इलैक्‍ट्रो होम्‍योपैथिक की अहम भूमिका है । इस चिकित्‍सा पैथी में केवल 38 मुख्‍य औषधियॉ है   तथा इन्‍हे ही आपस में मिला कर जो औषधियॉ बनाई गयी है उसे मिश्रित औषधियॉ कहते है । इस चिकित्‍सा पैथी का आविष्‍कार बलगोना के डॉ0 काउन्‍ट सीजर मैटी द्वारा किया गया था । ब्‍यूटी क्‍लीनिक में सौन्‍र्द्धय समस्‍याओं के निदान में इस चिकित्‍सा पैथी का उपयोग बडे ही आशा एंव विश्‍वास के साथ किया जा रहा है एंव इसके परिणाम भी आशानुरूप प्राप्‍त हो रहे है । चूंकि इस चिकित्‍सा पद्धति की दबाये हर्बल है इस लिये इससे किसी भी प्रकार के नुकसान या फिर साईड इफेक्‍ट की संभावना नही रहती इस लिये ब्‍युटी क्‍लीनिक के कोर्स में इसे शामिल किया गया है । त्‍वचा रोग हो या फिर त्‍वचा अपनी स्निग्‍धता ,कोमलता, स्‍वाभाविकता खो रही हो ,या फिर त्‍वचा पर दॉग धब्‍बे जैसी समस्‍याओं के निदान हेतु ए0पी0पी0 ,सी-5 एस-5 दबा का प्रयोग किया जाता है । प्रसव पश्‍चात अधिकाश स्‍त्रीयों के पेट पर   स्‍ट्रेचमार्क के निशान ...

नेवल पिर्यसिंग -1

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                             नेवल पिर्यसिंग     आज के इस फैशनपरास्‍ती युग में जहॉ हम सभी उपग्रह संस्‍कृतियों की वजह से , हम सभी विश्‍व प्रचलित नये नये फैशन से जुड चुके है । आज का युवा वर्ग दुनिया की भीड में एक अलग पहचान बनाना चाहता है । खॉस कर महिलायें इस भीड में सबसे आगे है , नया फैशन हो या शरीर में बदलाओं इसमें युवा महिलायें सबसे आगे है । भारत ही नही बल्‍की दुनिया के हर कोने में नाक कान को छिदवा कर उसमें ज्‍वैलरी पहनने का प्रचलन हर धर्म जाति एंव सम्‍प्रदायों में सदियों से होता आया है । परन्‍तु आज के इस फैशन के दौर में शरीर के आकृषक अंगों को छिदवाकर उसमें बोल्‍ड ज्‍वैलरी पहनने का प्रचलन तेजी से बढता जा रहा है । शरीर के आकृषक कामनीय अंगों को छेद कर उसमें बोल्‍ड ज्‍वैलरी पहनाने की इस कला को ही पिर्यसिंग कहॉ जाता है , वैसे तो पिर्यसिंग का अर्थ है, शरीर को छेदना । पिर्यसिंग विशषकर नाक, कान, भौ ठोडी , नाभी , पेट के कुछ भाग , ओठों आदि पर, विशेष...