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भोजपुरी अभिनेत्र की नाभी को आकृषक बनाना

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        भोजपुरी अभिनेत्र की नाभी को आकृषक बनाना डॉ0सिंह का अनुभव केश - पटना बिहार में स्‍थानीय फिल्‍म अभिनेत्री जिसका नाम मै यहॉ पर नही लेना चाहूंगा । उसके फिल्‍म के किसी गाने की शूटींग थी परन्‍तु वह अपनी नाभी को लेकर परेशान थी । उसकी नाभी सकरी एंव उसके अन्‍दर की नाभी धारीयॉ स्‍पष्‍ट रूप से दिख लाई दे रही थी इससे उसके पेट एंव नाभी का आकृषण कम हो गया था । फिल्‍म के डायरेक्‍टर ने उसकी सकरी एंव कम गहरी नाभी की वजह से उस गाने के लिये किसी दूसरी अभिनेत्री को लेने का विचार किया था इससे वह बहुत परेशान थी । चूंकि हमारा ब्‍यूटी क्‍लीनिक का नि:शुल्‍क केम्‍प बिहार के पटना में लगा हुआ था । किसी ने उस अभिनेत्री को हमारे यहॉ चलने वाले कैम्‍प की जानकारी दी । उसने हमसे फोन पर सारी बाते बतलाई एंव घर आने को कहॉ मै और पटना की नीशेप एक्‍सपर्ट श्रीमति कल्‍पना शुक्‍ला दोनो उसके बंगले पर पहूंचे । उसने अपनी सारी स्थिति से बतलाते हुऐ कहॉ कि अभिनेत्रीयों के आकृषण में नाभी का विशेष महत्‍व है मेरी नाभी सकरी एंक कम गहरी तथा नाभी पर स्‍पष्‍ट रूप से धारीयों के दिखने के कारण फिल्‍म डा...

नेवल एक्‍युपंचर

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                       नेवल एक्‍युपंचर     एक्‍युपंचर चिकित्‍सा चीन गणराज्‍य की उपचार विधि है, इस चिकित्‍सा पद्धति में सम्‍पूर्ण शरीर पर एक्‍युपंचर पाईन्‍ट पाये जाते है , इन निर्धारित बिन्‍दूओं का चयन रोगानुसार कर चिकित्‍सक इन पाईन्‍स पर बारीक सूईया चुभा कर उपचार करते है । सम्‍पूर्ण शरीर में हजारों की सख्‍ॅया में पाये जाने वाले एक्‍युपंचर पाईन्‍स के निर्धारण में चिकित्‍सकों का काफी कठनाईयॉ होती है । नेवल एक्‍युपंचर, एक्‍युपचर चिकित्‍सा की नई खोज है, इसके आविश्‍कार का   श्रेय कास्‍मेटिक सर्जन मास्‍टर आफ चॉग के मेडिसन के प्रोफेसर योंग क्‍यू को जाता है । यह चाईना के एक्‍युपंचर फिलासफी पर आधारित है, जो टी0सी0एम0 अर्थात ट्रेडीशनल चाईनीज मेडिसन कहलाती है । जैसा कि हम सभी इस बात को अच्‍छी तरह से जानते है कि एक्‍युपंचर चिकित्‍सा में शरीर पर हजारों की संख्‍या में एक्‍युपंचर पाईन्‍ट पाये जाते है एंव रोग स्थिति के अनुसार चिकित्‍सक इन पाईन्‍ट की खोज करता है फिर उस निश्चित...

नाभी को सुन्‍दर आकार देना

                              नाभी को सुन्‍दर आकार देना                    आज के इस फैशन के दौर में जहॉ हम सभी उपगृह संस्‍कृति की वजह से सारी दुनियॉ के नये नये फैशन से जुड चुंके है । हर एक नया फैशन किसी महामारी की तरह से युवा वर्ग को अपना शिकार बना रहा है । आज महिलाओं में खॉस कर युवा महिलाओं में नाभी प्रर्दशन का फैशन तेजी से बढता जा रहा है । चूंक‍ि गहरी गोल नाभी का आकृषण इतना मनमोहक होता है कि उससे नजरे हटाने को मन ही नही करता । आज से नही बल्‍की सदियों से महिलाओं की गहरी गोल नाभी आकृषण का केन्‍द्र रही है परन्‍तु   हर महिला की नाभी सुन्‍दर गहरी नही होती ,कुछ महिलाओं की नाभी तो इतनी खराब किसी धॉव के जख्‍म की तरह से होती है कि देखते ही धिन आती है , इसी प्रकार से कुछ महिलाओं की नाभी डण्‍टल की तरह से निकली हुई होती है ,वही कुछ महिलाओं की नाभी सकरी कम गहरी होती है । इस प्रकार की नाभी देखने में खराब तो दिखती है बल्‍की सुन्‍दर से सुन्‍दर...

सौन्‍र्द्धर्य समस्‍याओं के निदान में इलैक्‍ट्रो होम्‍योपैथिक

सौन्‍र्द्धर्य समस्‍याओं के निदान में इलैक्‍ट्रो होम्‍योपैथिक     सौन्‍र्द्धर्य समस्‍याओं के निदान में इलैक्‍ट्रो होम्‍योपैथिक की अहम भूमिका है । इस चिकित्‍सा पैथी में केवल 38 मुख्‍य औषधियॉ है   तथा इन्‍हे ही आपस में मिला कर जो औषधियॉ बनाई गयी है उसे मिश्रित औषधियॉ कहते है । इस चिकित्‍सा पैथी का आविष्‍कार बलगोना के डॉ0 काउन्‍ट सीजर मैटी द्वारा किया गया था । ब्‍यूटी क्‍लीनिक में सौन्‍र्द्धय समस्‍याओं के निदान में इस चिकित्‍सा पैथी का उपयोग बडे ही आशा एंव विश्‍वास के साथ किया जा रहा है एंव इसके परिणाम भी आशानुरूप प्राप्‍त हो रहे है । चूंकि इस चिकित्‍सा पद्धति की दबाये हर्बल है इस लिये इससे किसी भी प्रकार के नुकसान या फिर साईड इफेक्‍ट की संभावना नही रहती इस लिये ब्‍युटी क्‍लीनिक के कोर्स में इसे शामिल किया गया है । त्‍वचा रोग हो या फिर त्‍वचा अपनी स्निग्‍धता ,कोमलता, स्‍वाभाविकता खो रही हो ,या फिर त्‍वचा पर दॉग धब्‍बे जैसी समस्‍याओं के निदान हेतु ए0पी0पी0 ,सी-5 एस-5 दबा का प्रयोग किया जाता है । प्रसव पश्‍चात अधिकाश स्‍त्रीयों के पेट पर   स्‍ट्रेचमार्क के निशान ...

नेवल पिर्यसिंग -1

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                             नेवल पिर्यसिंग     आज के इस फैशनपरास्‍ती युग में जहॉ हम सभी उपग्रह संस्‍कृतियों की वजह से , हम सभी विश्‍व प्रचलित नये नये फैशन से जुड चुके है । आज का युवा वर्ग दुनिया की भीड में एक अलग पहचान बनाना चाहता है । खॉस कर महिलायें इस भीड में सबसे आगे है , नया फैशन हो या शरीर में बदलाओं इसमें युवा महिलायें सबसे आगे है । भारत ही नही बल्‍की दुनिया के हर कोने में नाक कान को छिदवा कर उसमें ज्‍वैलरी पहनने का प्रचलन हर धर्म जाति एंव सम्‍प्रदायों में सदियों से होता आया है । परन्‍तु आज के इस फैशन के दौर में शरीर के आकृषक अंगों को छिदवाकर उसमें बोल्‍ड ज्‍वैलरी पहनने का प्रचलन तेजी से बढता जा रहा है । शरीर के आकृषक कामनीय अंगों को छेद कर उसमें बोल्‍ड ज्‍वैलरी पहनाने की इस कला को ही पिर्यसिंग कहॉ जाता है , वैसे तो पिर्यसिंग का अर्थ है, शरीर को छेदना । पिर्यसिंग विशषकर नाक, कान, भौ ठोडी , नाभी , पेट के कुछ भाग , ओठों आदि पर, विशेष...

नाभी से चरम सुखानुभूती

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                      नाभी से चरम सुखानुभूती   नाभी से चरम सुख की अनुभूति प्राप्‍त करना युवा महिला पुरूष दोनो में सदियों से होता चला आया है । युवा अवस्‍था के आते ही मनुष्‍य सुख की अनुभूति की तलाश में रहता है ,इस प्रकार की सुखानुभूति का प्रमुख कारण हमारे शरीर में युवा अवस्‍था के आते ही सैक्‍स हार्मोस का निर्माण है । कामवासना की पूर्ति न होने पर विभिन्‍न प्रकार के मानसिक रोग होने लगते है । जिसके बारे में उसे स्‍वय नही मालुम होता । युवावस्‍था के आते ही युवा शारीरिक सुख की तलाश में रहता है, विरूद्ध लिंग के प्रति आकृषण एक नेचुरल प्रतिक्रिया है, परन्‍तु   समाजिक मर्यादाओं ,तथा कानूनी प्रक्रियाओं के चलते इसे आसानी से प्राप्‍त नही किया जा सकता, परन्‍तु उसे शारीरिक सुख की मॉग तो यथावत रहती है, ऐसे में यदि उसके इस शारीरिक सुख की मॉग पूरी न हुई तो वह विभिन्‍न प्रकार के उपक्रमों का सहारा लेता है जैसे स्‍वाप्रेम जिसमें युवा स्‍वंय अपने ही शरीर के अंगों से प्‍यार करता है, उसे सहलाता है विरूद्ध ल...

पेट एंव नाभी को आकृषक बनाना

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      पेट एंव नाभी को आकृषक बनाना     महिलाओं की सुन्‍दरता में समतल पेट पर झील सी बल खाती गहरी नाभी का अपना एक अलग ही महत्‍व है , जिसका वर्णन कवि कालीदास ने अपने गृन्‍थ में कुछ इस प्रकार से किया है , कटि मध्‍य ,समतल उदर पर झील सी बल खाती गहरी नाभी, उन्‍नत उरोज, पुष्‍ट नितम्‍ब प्रदेश, पुष्‍ट स्‍वस्‍थ्‍य जंधायें किसी सुन्‍दर महिला के शरीर के ये उतार चढाव उसके सौन्‍र्द्धय में चार चॉद लगा देते है । यही है ईश्‍वर की अद्वितिय रचना जिसे बार बार देखने पर भी मन नही भरता । कहने का सीधा सा अर्थ है किसी भी महिला में स्‍वस्‍थ्‍य पुष्‍ट नितम्‍ब (कुल्‍हे) ,उन्‍नत उरोज(स्‍तन) तथा समतल पेट पर झील की तरह से गहरी नाभी होना चाहिये । शरीर के यह उतार चढाव उसके सौन्‍र्द्धय को कई गुना अधिक बढा देते है । खॉस कर ऐसी युवा महिलाये जो माडलिंग से जुडी है  या फिल्‍म लाईन टेलीवीजन या फिर डॉस प्रोग्राम आदि करती है उनके लिये तो गहरी नाभी एंव नाभी बल का अपना विशेष महत्‍व है क्‍योकि जब वे प्रफामेन्‍श करती है तब लाखों र्दशकों की नजर उन पर होती है ऐसे में यदि किसी महिला की नाभी जख्‍म ...